चंडीगढ़ : पूर्व उपमुख्यमंत्री पंजाब और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने अपने अनुभव का हवाला देते हुए दावा किया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार नहीं रहेगी और अगले कुछ दिनों में राष्ट्रपति साशन लग जाएगा। आम आदमी पार्टी को खुद सरकार गिरने का डर है, इसलिए उन्होंने मजदूर दिवस पर विशेष विधानसभा सत्र बुलाने का ड्रामा किया गया है। इसकी आड़ में मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार बचाने के लिए फ्लोर टेस्ट करवाने जा रहे हैं, ताकि सरकार को बचा सकें। सीएम जानते हैं कि उनके कई विधायक भाजपा के संपर्क में हैं और पार्टी छोड़कर भाजपा में जा सकते हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि मुझसे किसी ने संपर्क नहीं किया, लेकिन कोई सांसद या कांग्रेसी विधायक भाजपा में शामिल नहीं होने जा रहा है। कांग्रेसियों को भाजपा में जाने की जरूरत नहीं है। पहले गए कांग्रेस के आला नेताओं के हालात सभी के सामने हैं। रंधावा ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह अपनी सत्ता बचाने की बजाए पंजाब को बचाने के लिए जोर लगाए। पंजाब के लोगों को सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करे। उन्होंने कहा कि राजपुरा-शंभू रेल ट्रैक पर हुए विस्फोट ने पंजाब के भाईचारे और अमन शांति को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने इस विस्फोट में सांसद अमृतपाल सिंह की पार्टी समर्थक का नाम आने के बाद मुख्यमंत्री को सवाले के घेरे में खड़ा किया।
रंधावा ने सीएम मान से पूछा कि वह बताएं अमृतपाल सिंह से राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) क्यों और किसकी सलाह से हटाया गया। जबकि अमृतपाल के बाहर आते ही ऐसी घटना होना स्वाभाविक नहीं है, यह खतरनाक संकेत हैं। यह केंद्रीय और राज्य एजेंसियों की विफलता है। उन्होंने कहा कि कट्टरपंथियों और गैंगस्टरों का एक साथ आना पंजाब में हिंदू-सिख भाईचारे के लिए खतरा है। इनके नैक्सस को तोड़ना पड़ेगा, तभी पंजाब बचेगा।
सांसद रंधावा ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियों को चाहिए कि विस्फोट के दौरान मरने वाले दोषी की बापू तरसेम सिंह के साथ संबंधों की गहराई से जांच करे। उनके साथ वायरल फोटो का सच सामने लाए। इसमें शामिल बाकी लोगों पर भी कार्रवाई की जाए। ताकि पंजाब में आगे आने वाले खतरे को टाला जा सके और कट्टरपंथी ताकतों को दबाया जा सके।
रंधावा ने कहा कि सीएम मान पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में इतना बड़ी विस्फोट की घटना होती है और सीएम मान मौके पर ही नहीं जाते। उनको बतौर सीएम घटनास्थल पर जाना चाहिए था। उनको घटना के तुरंत बाद एमरजेंसी मीटिंग बुलानी चाहिए थी, लेकिन वह इसमें बुरी तरह फेल साबित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि सीएम ही नहीं बल्कि डीजीपी गौरव यादव भी स्पाइनलैस हो गए हैं। डीजीपी गौरव यादव को भी चुनौती दी। कहा कि उनके नेतृत्व में पंजाब की कानून व्यवस्था बुरी तरह खत्म हो चुकी है। पंजाब में फिर से आतंकवाद जैसे हालात बनने लगे हैं। हाल ही में रेल ट्रैकों पर हुए धमाके इसका सबूत है। उन्होंने कहा कि डीजीपी को कानून व्यवस्था को बचाने के लिए कदम उठाने के लिए आगे आने की जरूरत है।
आप्रेशन लोटस पर रंधावा ने सीएम मान को घेरा। उन्होंने कहा कि उनके मंत्री हरपाल चीमा और उनके विधायकों ने डीजीपी को शिकायत दी थी कि उनको खरीदने की कोशिश की गई है। इस मामले में आज तक कोई जांच क्यों नहीं की गई। चार्जशीट क्यों नहीं हुई। अगर चीमा ने गलत एफआईआर करवाई थी तो उनके खिलाफ बीएनएस के तहत कार्रवाई क्यों नहीं करवाई गई। आप के राज्यसभा सांसदों को गद्दार कहने पर रंधावा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कहा कि गद्दारों ने गद्दारों के साथ ही गद्दारी की है। क्योंकि आम आदमी पार्टी में भी बहुत से नेता ऐसे हैं जो पहले शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस में थे और आज वे आम आदमी पार्टी सरकार में मंत्री और अध्यक्ष के पद पर बैठे हैं।
रंधावा ने साफ कहा कि पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी और उनके समेत चार कांग्रेसी सांसदों के भी भाजपा में संपर्क होने की अफवाह फैलाई थी, मगर हमारा कोई सांसद पार्टी छोड़ने वाला नहीं है। आम आदमी पार्टी में उथल-पुथल की स्थिति जरूर चल रही है।
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