खंडवा। शनि जयंती, शनि अमावस्या और शनिवार का दुर्लभ संयोग वर्षों बाद होने जा रहा है। 16 मई (शनिवार) को अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ शनि जन्मोत्सव मनाया जाएगा। भवानी माता रोड स्थित प्राचीन शनिदेव मंदिर में सुबह से ही विशेष पूजन, तेलाभिषेक और धार्मिक आयोजनों का दौर शुरू होगा। मंदिर समिति ने इस अवसर पर व्यापक तैयारियां की हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई है।
🛕 100 वर्ष प्राचीन है शनिदेव की प्रतिमा, मिलती है साढ़ेसाती से राहत
मंदिर में स्थापित शनिदेव की प्रतिमा 100 वर्ष से अधिक प्राचीन है, जिसे चमत्कारी और मनोकामनाएं पूर्ण करने वाली माना जाता है। मान्यता है कि शनि जयंती और अमावस्या पर विधि-विधान से पूजा करने पर शनि दोष, साढ़ेसाती, ढैया और राहु-केतु के अशुभ प्रभावों से राहत मिलती है। श्रद्धालु इस दिन काला कपड़ा, काले तिल, उड़द, तेल, लोहा, कंबल, छाता, श्रीफल एवं अन्य सामग्री का दान कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।
🪔 श्रद्धालु अपने हाथों से करेंगे तेलाभिषेक, दोपहर 12 बजे होगा विशाल भंडारा
मंदिर के पंडित व ज्योतिषाचार्य विशाल शर्मा ने बताया कि प्रातःकाल उनके परिवार द्वारा भगवान का अभिषेक किया जाएगा। तत्पश्चात सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक श्रद्धालु अपने हाथों से प्राचीन शनिदेव की प्रतिमा का तेल से स्नान व अभिषेक कर सकेंगे। इस दौरान शनि देव और राहु-केतु के अखंड जाप भी किए जाएंगे। दोपहर 12 बजे जन्मोत्सव आरती के पश्चात प्रसादी वितरण एवं विशाल भंडारे का आयोजन होगा।
🎶 शाम को सजेगी भजन संध्या, 8 बजे होगी भगवान की महाआरती
शाम होते ही मंदिर परिसर पूरी तरह से भक्तिमय माहौल में रंग जाएगा। रात्रि 8 बजे भगवान की महाआरती के साथ भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालु शनिदेव के मधुर भजनों पर भक्ति रस में डूबेंगे। मंदिर समिति ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से परिवार सहित पहुंचकर दर्शन, पूजन और प्रसादी ग्रहण करने की अपील की है।
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