खंडवा। खंडवा में भाजपा के अंदर सियासी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। बीजेपी विधायक कंचन मुकेश तनवे और महापौर अमृता अमर यादव के बीच चल रही तनातनी से साफ है कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। इसकी झलक बुधवार को नगर निगम के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में साफ दिखाई दी। ऐसा पहली बार हुआ जब नगर निगम में भाजपा के महापौर के होते हुए भी बीजेपी विधायक ने कामकाज को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में बड़ी समीक्षा बैठक बुला ली। यह बैठक नगर निगम कार्यालय के बजाय कलेक्ट्रेट में हुई, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह के मायने निकाले जा रहे हैं। विधायक कंचन तनवे ने निगम के कार्यों की समीक्षा कर रिपोर्ट बनाई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से बैठक नहीं हो पाई थी, इसलिए 21 बिंदुओं पर चर्चा की गई है। शहर की पेयजल समस्या अब दूर हो गई है, लेकिन विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब से हर महीने कार्यों की समीक्षा होगी। बैठक के दौरान विधायक का एक बयान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने कहा, “मैं कुछ बोलती नहीं, इसका मतलब यह नहीं कि मुझे कुछ पता नहीं रहता।” उनके इस बयान को सीधे तौर पर नगर निगम की कार्यप्रणाली और नेतृत्व पर नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है। विधायक के तेवरों पर महापौर अमृता यादव ने भी बिना नाम लिए जवाबी अंदाज में कहा कि, “नगर निगम में हमारी टीम विकास के लिए प्रतिबद्ध है और मेरा रिपोर्ट कार्ड मेरा संगठन तैयार करेगा।” महापौर के इस बयान को कड़े राजनीतिक जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि बैठक में दोनों नेताओं के बीच तल्खी खुलकर नजर नहीं आई, लेकिन इस बयानबाजी ने अंदरूनी खींचतान को उजागर कर दिया है। बैठक में महापौर ने निगम के नए भवन, पुराने निगम कार्यालय की जगह बनने वाले 5 मंजिला शॉपिंग मॉल, रामेश्वर कुंड और पदम कुंड के सौंदर्यीकरण जैसे प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी। वहीं, निगमायुक्त प्रियंका राजावत ने बताया कि शहर में करीब 7.50 करोड़ रुपए के सड़क और सीसी निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। अब इस बैठक और दोनों नेताओं के बयानों को लेकर खंडवा में सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं कि आखिर बीजेपी के भीतर यह खींचतान किस ओर इशारा कर रही है। बता दें कि बीते काफी दिनों से विधायक कंचन तनवे और महापौर अमृता यादव के बीच दूरियां बनी हुई हैं, जो अब इस तरह से सार्वजनिक मंच पर खुलकर सामने आ गई हैं।📝 विधायक ने बनाई रिपोर्ट, कहा- ‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं’
🗣️ महापौर का पलटवार- ‘मेरा रिपोर्ट कार्ड संगठन तैयार करेगा’
🔄 सियासी चर्चाएं तेज, लंबे समय से बनी हुई हैं दूरियां
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खंडवा। खंडवा में भाजपा के अंदर सियासी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। बीजेपी विधायक कंचन मुकेश तनवे और महापौर अमृता अमर यादव के बीच चल रही तनातनी से साफ है कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। इसकी झलक बुधवार को नगर निगम के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में साफ दिखाई दी। ऐसा पहली बार हुआ जब नगर निगम में भाजपा के महापौर के होते हुए भी बीजेपी विधायक ने कामकाज को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में बड़ी समीक्षा बैठक बुला ली। यह बैठक नगर निगम कार्यालय के बजाय कलेक्ट्रेट में हुई, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह के मायने निकाले जा रहे हैं।
📝 विधायक ने बनाई रिपोर्ट, कहा- ‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं’
विधायक कंचन तनवे ने निगम के कार्यों की समीक्षा कर रिपोर्ट बनाई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से बैठक नहीं हो पाई थी, इसलिए 21 बिंदुओं पर चर्चा की गई है। शहर की पेयजल समस्या अब दूर हो गई है, लेकिन विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब से हर महीने कार्यों की समीक्षा होगी। बैठक के दौरान विधायक का एक बयान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने कहा, “मैं कुछ बोलती नहीं, इसका मतलब यह नहीं कि मुझे कुछ पता नहीं रहता।” उनके इस बयान को सीधे तौर पर नगर निगम की कार्यप्रणाली और नेतृत्व पर नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है।
🗣️ महापौर का पलटवार- ‘मेरा रिपोर्ट कार्ड संगठन तैयार करेगा’
विधायक के तेवरों पर महापौर अमृता यादव ने भी बिना नाम लिए जवाबी अंदाज में कहा कि, “नगर निगम में हमारी टीम विकास के लिए प्रतिबद्ध है और मेरा रिपोर्ट कार्ड मेरा संगठन तैयार करेगा।” महापौर के इस बयान को कड़े राजनीतिक जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि बैठक में दोनों नेताओं के बीच तल्खी खुलकर नजर नहीं आई, लेकिन इस बयानबाजी ने अंदरूनी खींचतान को उजागर कर दिया है। बैठक में महापौर ने निगम के नए भवन, पुराने निगम कार्यालय की जगह बनने वाले 5 मंजिला शॉपिंग मॉल, रामेश्वर कुंड और पदम कुंड के सौंदर्यीकरण जैसे प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी। वहीं, निगमायुक्त प्रियंका राजावत ने बताया कि शहर में करीब 7.50 करोड़ रुपए के सड़क और सीसी निर्माण कार्य प्रगति पर हैं।
🔄 सियासी चर्चाएं तेज, लंबे समय से बनी हुई हैं दूरियां
अब इस बैठक और दोनों नेताओं के बयानों को लेकर खंडवा में सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं कि आखिर बीजेपी के भीतर यह खींचतान किस ओर इशारा कर रही है। बता दें कि बीते काफी दिनों से विधायक कंचन तनवे और महापौर अमृता यादव के बीच दूरियां बनी हुई हैं, जो अब इस तरह से सार्वजनिक मंच पर खुलकर सामने आ गई हैं।


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