चंडीगढ़: हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SSR) अभियान के तहत गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। 27 जून तक के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश भर में कुल वितरित 1 करोड़ 94 लाख से अधिक प्रपत्रों में से लगभग 30 लाख प्रपत्र ऑनलाइन दर्ज किए जा चुके हैं, जो कुल लक्ष्य का 14.52 प्रतिशत है।
📊 प्रदेश भर में तैनात हैं 20 हजार से अधिक बीएलओ
इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रदेश के 20,629 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये अधिकारी घर-घर जाकर कुल 2 करोड़ 6 लाख 55 हजार 929 मतदाताओं के डेटा को सत्यापित कर रहे हैं। इस विशाल कार्य का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिहीन और पारदर्शी बनाना है।
🏆 प्रदर्शन: कौन सा जिला आगे, कौन पीछे?
डिजिटाइजेशन की रफ्तार में जिलों के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है:
टॉप-3 जिले: फतेहाबाद (29.55%), कैथल (28.02%) और रेवाड़ी (27.07%) सबसे बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
अन्य बेहतर जिले: चरखी दादरी (22.23%) और सिरसा (18.97%) भी सूची में ऊपर हैं।
शहरी जिलों में धीमी चाल: गुरुग्राम (5.49%), फरीदाबाद (4.21%), पंचकूला (7.31%) और रोहतक (9.50%) में अभियान की गति काफी धीमी है, जहाँ 10 प्रतिशत का आंकड़ा भी पार नहीं हुआ है।
घनी आबादी वाले शहरी जिलों में धीमी प्रगति प्रशासन के लिए एक चुनौती बनी हुई है। अधिकारियों का मानना है कि इन क्षेत्रों में अभियान को और अधिक गति देने की आवश्यकता है ताकि समयबद्ध तरीके से डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा किया जा सके।🚀 शहरी क्षेत्रों में गति बढ़ाने की आवश्यकता
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