झिरन्या। जनपद पंचायत झिरनिया के ग्राम बड़ी में सीएम राइज स्कूल के निर्माण की आड़ में भ्रष्टाचार की नई इबारत लिखी जा रही है। यहां लोक निर्माण विभाग की पीआईयू शाखा के एसडीओ और ठेकेदार ने मिलकर स्कूल परिसर में स्थित पुराने शासकीय प्राथमिक शाला भवन को बिना किसी वैधानिक अनुमति के ढहा दिया। ताज्जुब की बात यह है कि साक्ष्य मिटाने के लिए उसी मलबे के ऊपर आनन-फानन में सीसी रोड का निर्माण भी पीआईयू द्वारा ही कर दिया गया है।
🏗️ बिना नीलामी के गायब कर दिया गया लाखों का सरकारी सामान
नियमों के अनुसार, सीएम राइज स्कूल की नई बिल्डिंग या परिसर विकास के लिए यदि पुराने भवन को हटाना अनिवार्य था, तो पहले उसकी विधिवत कंडम रिपोर्ट तैयार होनी थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग द्वारा मूल्यांकन कर सार्वजनिक नीलामी की जानी थी। लेकिन यहां बिना नीलामी के ही लाखों की सामग्री (ईंट, लोहा, पत्थर) को गायब कर दिया गया। पुरानी बिल्डिंग का कीमती लोहा और अन्य सामग्री सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने के बजाय सीधे ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से ठिकाने लगा दी गई।
🚧 साक्ष्य मिटाने के लिए रातों-रात बना दी गई सीसी रोड
साक्ष्य मिटाने की कोशिश: जिस जगह बिल्डिंग खड़ी थी, वहां तुरंत सीसी रोड का निर्माण कर दिया गया ताकि भविष्य में पुराने भवन की मौजूदगी का कोई भौतिक प्रमाण न रहे। शासन द्वारा सीएम राइज स्कूलों को शिक्षा के मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है, लेकिन यहां विभाग के अधिकारी ही इसकी आड़ में शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। स्कूल ग्राउंड में बिना अनुमति तोड़फोड़ और सामग्री की चोरी ने पीआईयू की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
✊ ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच की मांग, कलेक्टर से होगी शिकायत
इस मामले में क्षेत्र के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर खरगोन और वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मलबे का हिसाब और दोषियों पर कार्यवाही नहीं हुई, तो वे इस भ्रष्टाचार की शिकायत मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री तक पहुंचाएंगे।
🗣️ अधिकारियों का पल्ला झाड़ना
इस विषय को लेकर जब बीआरसी झिरन्या अधिकारी राघवेंद्र जोशी से जानकारी पूछी गई तो उन्होंने कहा, “स्कूल तोड़ने की जानकारी मुझे नहीं है, न ही इस विषय से मुझे किसी प्रकार से अवगत करवाया गया है।”
यह खबर आपको कैसी लगी?


खंडवा



























