खंडवा। मंगलवार को आद्य शंकराचार्य जयंती पर खंडवा के श्री अखाड़े वाले हनुमान मंदिर में शंकराचार्य शिष्यों द्वारा पादुका पूजन, अभिषेक, सहस्रार्चन एवं आरती के पश्चात आद्य शंकराचार्य जी द्वारा रचित स्तोत्रों का पठन किया गया।
🚩 सनातन धर्म की रक्षा के लिए हुआ था अवतार
भगवान आद्य शंकराचार्य का अवतार ऐसे समय पर हुआ जब भारतवर्ष में वैदिक सनातनी परम्परा का पालन करने वालों पर वज्रपात होने लगा था और अनाधिकारी वैदिक धर्म का उपदेश करने लगे थे। सारा धर्मप्राण राष्ट्र अनीश्वरवाद में दीक्षित हो गया था।
✨ अंधकार से निकालकर वैदिक धर्म को दी नई दिशा
सनातन धर्म अज्ञान-अंधकार की गुफाओं में समाहित होने लगा था। उस समय भारतीय सनातन वैदिक धर्म और हिंदू धर्म की रक्षा करने के लिए आद्य शंकराचार्य का अवतार हुआ। भगवान के अवतार का मुख्य उद्देश्य धर्म की रक्षा करना ही होता है।
📖 वेद-शास्त्रों और परब्रह्म के ज्ञान की पुनर्स्थापना
जिन वेद-शास्त्रों ने जीवों के कल्याण के लिए यज्ञ-यागादि का विधान कर कर्मबंधन से मुक्त होने का उपाय बताया एवं ज्ञानियों के लिए परमसिंधुसुधारूप परब्रह्म में समा जाने का उपदेश प्रदान किया, इस वैदिक परंपरा को जब नष्ट-भ्रष्ट करने का प्रयास किया जाने लगा, तब श्रीमद् आद्य शंकराचार्य का अवतार हुआ।
यह खबर आपको कैसी लगी?


खंडवा



























