खंडवा। नगर पालिका निगम द्वारा निगम का विशेष सम्मेलन मंगलवार को दोपहर 12 बजे निगम सभागृह में आयोजित हुआ। यह विशेष सम्मेलन ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण विधेयक) लोकसभा में पारित नहीं होने के संबंध में निंदा प्रस्ताव को लेकर आयोजित किया गया था। निगम सचिव सचिन सिटोले द्वारा कार्यवाही प्रारंभ कर आयोजित विशेष सम्मेलन में सर्वप्रथम सामूहिक राष्ट्रगान हुआ। तत्पश्चात सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के भाई के निधन पर सदन में 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद परिषद अध्यक्ष अनिल विश्वकर्मा द्वारा 2 मिनट का सदन में अंतराल रखा गया, जिसके बाद विशेष सम्मेलन की कार्यवाही विधिवत प्रारंभ हुई।
📜 विपक्ष के खिलाफ सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित
विशेष सम्मेलन में महापौर अमृता अमर यादव द्वारा निंदा प्रस्ताव रखते हुए कहा गया कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (परिसीमन बिल) जो देश की महिलाओं को सशक्त बनाने एवं लोकसभा-विधानसभा में उनकी अधिक सहभागिता के लिए 16 अप्रैल को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उनकी कैबिनेट द्वारा पेश किया गया था, उसे महिला विरोधी विपक्षी कांग्रेस और अन्य पार्टियों द्वारा पारित नहीं होने दिया गया। उन्होंने कहा कि हम नगर पालिका निगम परिषद के सदस्य इस बैठक में निंदा प्रस्ताव रखते हुए इस कृत्य की घोर निंदा करते हैं। महापौर के द्वारा रखे गए इस निंदा प्रस्ताव को ध्वनि मत से मंजूरी दी गई।
👥 सम्मेलन में इन जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
आयोजित इस विशेष सम्मेलन में परिषद अध्यक्ष अनिल विश्वकर्मा, महापौर अमृता अमर यादव, एमआईसी सदस्य राजेश यादव, सोमनाथ काले, विक्की वरुण भांवरे, अनिल वर्मा के साथ ही पार्षदगण और निगम आयुक्त प्रियंका राजावत सहित निगम के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। विशेष रूप से खंडवा विधायक कंचन मुकेश तनवे द्वारा निगम आयुक्त को सौंपे गए पत्र के अनुसार विधायक प्रतिनिधि के रूप में बैठक में सुनील जैन भी उपस्थित हुए।
🗣️ ‘नारी शक्ति का ये अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’
बैठक समाप्ति के पश्चात महापौर के नेतृत्व में सभी भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारे लगाए और कहा कि ‘नारी शक्ति का ये अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’। पत्रकारों से चर्चा के दौरान महापौर ने कहा कि सोमवार को भोपाल में विधानसभा में भी निंदा प्रस्ताव पास हुआ था, उसी के अंतर्गत खंडवा निगम में भी विशेष सम्मेलन के तहत निंदा प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सहित देश की बहनें अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं और महिलाओं के अधिकारों में रोड़ा अटकाने वाले विपक्षी दलों को देश की नारी शक्ति सबक सिखाने को तैयार है।
🎯 कांग्रेस की कथनी और करनी में अंतर: महापौर अमृता यादव
महापौर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की कथनी और करनी में भारी अंतर है। भाजपा जो कहती है, वह करके दिखाती है। एक ओर कांग्रेस की नेत्री प्रियंका गांधी कहती हैं कि ‘मैं लड़की हूं, लड़ सकती हूं’, लेकिन जब महिलाओं के सम्मान की बात आती है तो वे विरोध में खड़ी होती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए लाए गए ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम का विरोध महिलाओं के अधिकार और सम्मान का हनन है। मोदी जी के नेतृत्व में महिलाओं को अधिकार संपन्न बनाकर देश की तस्वीर और तकदीर बदलने का यह एक बड़ा प्रयास था, जिसे कांग्रेस और विपक्षी दलों ने पूरा नहीं होने दिया। इससे साफ हो गया है कि कांग्रेस महिलाओं का सम्मान नहीं करती और न ही उन्हें आगे बढ़ने का मौका देती है।
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