मूंदी। लोक निर्माण विभाग के द्वारा देवलिया कंस्ट्रक्शन को बीड़-मूंदी मार्ग पर स्थित ग्राम मोहद में 75 लाख से ज्यादा की लागत से ग्राम के बीच रोड निर्माण कार्य दिया गया है। 1 महीने में ठेकेदार 5 प्रतिशत काम भी पूरा नहीं कर पाया। लेकिन रोड निर्माण कार्य के लिए मुरम के ढेर बीड़ के बाहर और रेणुका धाम मंदिर गेट के पास लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया। ना तो उन मुरम के ढेरों के पास कोई सांकेतिक बोर्ड लगाया गया और ना ही रोशनी की व्यवस्था की गई। इस लापरवाही के चलते सोमवार रात को मांडला गांव से शादी से बाइक पर लौट रहा कोदबार पंचायत के दैत ग्राम का विजय सिंह हादसे की भेंट चढ़ गया।
🏥 हादसे में एक की मौत, दो अन्य घायल
इस दुर्घटना में विजय की मौत हो गई और वह पीछे अपनी पत्नी और दो बच्चों को छोड़कर चला गया। साथ ही बाइक पर सवार अन्य लोग—राजेंद्र सिंह (35 साल) और सूरत पिता राजेंद्र सिंह (12 साल) गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मूंदी में प्रारंभिक उपचार कर दोनों घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। रात भर परिजन अस्पताल में बैठे रहे और सुबह विजय के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस के द्वारा शव परिजनों के हवाले किया गया और गांव में अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था।
⚖️ परिजनों ने की ठेकेदार पर केस और मुआवजे की मांग
परिजनों ने बताया कि विजय सिंह गांव में टेलरिंग का काम करता था। जिस जगह मुरम के ढेर थे, वहां पर पूरा अंधेरा था। अगर वहां कोई सांकेतिक बोर्ड लगा होता या कुछ निशान दूर से दिखता, तो यह घटना नहीं होती और आज विजय हमारे बीच होता। परिजनों ने मांग की है कि इस तरह की घोर लापरवाही करने वाले ठेकेदार और संबंधित विभाग पर प्रकरण दर्ज हो। इसके साथ ही विजय के दो छोटे बच्चों के भविष्य के लिए उचित मुआवजा दिया जाए, क्योंकि वही परिवार का एकमात्र सहारा था। विभाग और ठेकेदार की लापरवाही ने इस परिवार का सहारा छीन लिया।
🗣️ जन आक्रोश और धीमी गति से निर्माण पर सवाल
बीड़ के समाजसेवी देवेंद्र ललवानी ने कहा कि ठेकेदार बहुत धीमी गति से काम कर रहा है। एक महीने में रोड बन जाना चाहिए था, लेकिन कुछ भी काम नहीं हुआ है। बीड़ का व्यापार भी रोड बंद होने के कारण ठप पड़ा हुआ है। ऊपर से जहां रोड बंद किया जाता है, वहां न तो बोर्ड लगाए गए और न ही सुरक्षा के इंतजाम किए गए। बिल्कुल ठेकेदार और विभाग पर इसके लिए प्रकरण दर्ज होना चाहिए, साथ ही जनप्रतिनिधियों को भी आगे आकर पीड़ित परिवार की मदद करनी चाहिए।
👮 पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की
इनका कहना है: “पुलिस के द्वारा मर्ग कायम कर मामले को जांच में ले लिया गया है।”
– राजेंद्र नरवरिया, थाना प्रभारी, मूंदी
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